भावनाओं का ट्रैकर दिनभर आपके मूड में होने वाले बदलाव कैसे दिखा सकता है?
छोटा जवाब
दिन की एक ही रेटिंग में सुबह की मुश्किल और शाम का हल्कापन धुँधला पड़ सकता है। Moodrate में रोज़ के मूड ट्रैकर को एक ही अवधि में एक से ज़्यादा बार रेट करने के लिए सेट करें। फिर, जहाँ संदर्भ ज़रूरी लगे, एक छोटा नोट जोड़ें। रेटिंग और नोट समय के साथ दिन का उतार-चढ़ाव समझने में मदद करेंगे।
दिन का एक स्कोर पूरी कहानी नहीं बताता
हो सकता है दिन के अंत में आपको लगे कि सब ठीक था, जबकि सुबह तनाव भरी रही हो और दोपहर में अच्छा बदलाव आया हो। या फिर दिन के पहले के शांत समय से ज़्यादा आपको मुश्किल शाम याद रह जाए। दिन की एक रेटिंग इन सबको एक ही एहसास में समेट देती है।
दिनभर के कई चेक-इन वाला रोज़ का मूड लॉग हर पल को अलग जगह देता है। आपको हर गुज़रते एहसास को दर्ज करने की ज़रूरत नहीं है। कुछ रेटिंग का संतुलन ऐसा रखें जिससे यह देखना आसान हो कि क्या बदला, लगभग कब बदला और उस समय क्या हो रहा था।
एक से ज़्यादा बार रेट करें की सुविधा चालू होने पर Moodrate ट्रैकर में एक ही अवधि की कई रेटिंग उनके समय के साथ रखता है। आप किसी रेटिंग में वैकल्पिक नोट जोड़ सकते हैं। व्यस्त सुबह या शांत विराम जैसा छोटा-सा वर्णन बाद में चार्ट समझने में मदद कर सकता है।
यह भी देखें: मूड ट्रैकर व डायरी
ऐसा पैमाना चुनें जिस पर जल्दी जवाब दे सकें
दिन में कई बार इस्तेमाल होने वाले मूड ट्रैकर के लिए छोटी संख्या वाली रेटिंग का पैमाना अक्सर बारीक फ़र्क़ों के लंबे सेट से आसान होता है। पाँच मान आपको बदलाव दिखाने की गुंजाइश देते हैं, बिना हर चेक-इन का विश्लेषण करने को कहे। अगर हर मान का मतलब तय करने में मदद मिले, तो मानों के लेबल इस्तेमाल करें।
ज़्यादा रेटिंग का क्या मतलब है? में जितना ज़्यादा, उतना अच्छा चुनें, अगर कम मान मुश्किल मूड और ज़्यादा मान अपेक्षाकृत सहज मूड दिखाते हैं। हर चेक-इन में पैमाना एक जैसा रखें। मकसद एक ही कसौटी से अलग-अलग पलों की तुलना करना है, न कि अपने एहसास का सटीक वर्णन ढूँढ़ना।
लय के लिए रोज़ चुनें, फिर एक से ज़्यादा बार रेट करें चालू करें। इससे रेटिंग उसी रोज़ की अवधि में रहेंगी और आप अलग-अलग पल दर्ज कर पाएँगे। कोई बात याद रखने लायक लगे तो नोट जोड़ें; अगर संख्या ही काफ़ी हो, तो उसे खाली छोड़ दें।
यह भी देखें: कैसे काम करता है
यह सेटअप Moodrate में आज़माएँ
दिनभर का मूड
- नाम
- दिनभर का मूड
- कितनी बार?
- रोज़
- रेटिंग का पैमाना
- संख्या 1–5
- दशमलव
- 1
- मानों के लेबल
- 1 = नीचा
- 2 = भारी
- 3 = मिला-जुला
- 4 = अच्छा
- 5 = खिला हुआ
- ज़्यादा रेटिंग का क्या मतलब है?
- जितना ज़्यादा, उतना अच्छा
- एक से ज़्यादा बार रेट करें
- हाँ
- रिमाइंडर
- सुबह का चेक-इन
- शाम का चेक-इन
छोटा पैमाना कुछ अलग-अलग पलों को रेट करना आसान बनाता है, बिना हर चेक-इन को लिखने की कसरत बनाए। लेबल आपके पैमाने के निचले, बीच के और ऊपरी मानों को अपना निजी मतलब देते हैं।
चेक-इन को अपने असली दिन के मुताबिक रखें
ऐसे पल चुनें जिनमें स्वाभाविक रूप से थोड़ा ठहराव आता हो: तैयार होने के बाद, दोपहर के खाने के विराम में या दिन ढलते समय। हर बदलाव के बाद रेटिंग देना ज़रूरी नहीं। दिन के कुछ नियमित पड़ाव भी दिन के अंत की एक रेटिंग से अलग तस्वीर दिखा सकते हैं।
रिमाइंडर वैकल्पिक हैं। कोई सूचना मददगार लगे, तो अपनी दिनचर्या के मुताबिक रिमाइंडर चुनें, जैसे दिन की शुरुआत या अंत के लिए। Moodrate में अलग-अलग समय-सारिणी के रिमाइंडर सेट किए जा सकते हैं और ट्रैकर रेट हो चुका हो तो उन्हें छोड़ा जा सकता है। रिमाइंडर बोझ लगें, तो उन्हें बंद रखें और जब कोई पल याद आए तब रेट करें।
हर रेटिंग को छोटा रखें। पहले वह मान चुनें जो उस पल से सबसे ज़्यादा मेल खाता हो; फिर, संदर्भ याद रखने में मदद मिले तभी छोटा नोट जोड़ें। आप योजनाओं में बदलाव, किसी बातचीत या आराम के समय का ज़िक्र कर सकते हैं। नोट आपके संदर्भ के लिए है, किसी सुथरी डायरी की एंट्री लिखने के लिए नहीं।
यह सेटअप Moodrate में आज़माएँ
मूड की तीव्रता
- नाम
- मूड की तीव्रता
- कितनी बार?
- रोज़
- रेटिंग का पैमाना
- संख्या 1–5
- दशमलव
- 1
- ज़्यादा रेटिंग का क्या मतलब है?
- कोई मतलब नहीं
- एक से ज़्यादा बार रेट करें
- हाँ
इसे दूसरा ट्रैकर तभी बनाएँ, जब आपके लिए तीव्रता का सवाल इस बात से अलग हो कि मूड अच्छा लग रहा है या मुश्किल। कोई मतलब नहीं चुनने से तेज़ एहसास को अपने-आप बेहतर या बदतर नहीं माना जाएगा।
मूड कैसा है और कितना तीव्र है, इन्हें अलग रखें
दूसरा तरीका वैकल्पिक है। यह तब काम आ सकता है, जब कोई एहसास सुखद होते हुए भी तीव्र हो, या मुश्किल होते हुए भी हल्का। हर बार एक ही पैमाने पर एहसास की तीव्रता रेट करें, उसकी दिशा को आँके बिना। अगर यह फ़र्क़ अतिरिक्त मेहनत लगे, तो दिनभर का मूड वाला ट्रैकर रखें और बारीकी बताने के लिए नोट इस्तेमाल करें।
सबसे उपयोगी सेटअप वही है जिसे रेटिंग पर अटके बिना आप लगातार इस्तेमाल कर सकें। पहले आसान ट्रैकर आज़माएँ। कुछ एंट्री दर्ज हो जाएँ, तो आँकड़े खोलें और रुझान, बार या समयरेखा जैसे चार्ट के नज़ारों में अदला-बदली करके देखें। सोचें कि क्या दिन का मूड किसी दिशा में बढ़ता है, या बदलाव दिनचर्या के कुछ खास हिस्सों से जुड़े लगते हैं।
रेटिंग के साथ नोट देखने के लिए आप इतिहास या महीने का कैलेंडर भी देख सकते हैं। किसी पैटर्न को अपने बारे में फ़ैसला नहीं, बल्कि जानने-समझने का मौका मानें। अगर ट्रैकिंग से अपनी भलाई को लेकर कोई चिंता सामने आए, तो अपनी देखी बातों को किसी विशेषज्ञ से बातचीत की शुरुआत बनाएँ।
यह भी देखें: प्राइवेसी
चेक-इन की एक आसान लय
उस पल को रेट करें
अपने पैमाने पर सबसे मिलता-जुलता मान चुनें। मन ही मन पूरे दिन का औसत निकालने की कोशिश न करें; इस खास पल में जैसा लग रहा है, वही दर्ज करें।
मदद मिले तो संदर्भ जोड़ें
किसी ऐसी बात के लिए छोटा नोट लिखें जिसे आप याद रखना चाहें। रेटिंग अपने-आप में काफ़ी हो, तो नोट छोड़ दें।
उतार-चढ़ाव देखें, सही स्कोर नहीं
कई दिनों की एंट्री होने पर आँकड़े खोलें और दिन के किसी जाने-पहचाने समय के आसपास बार-बार होने वाली बढ़त, गिरावट या बदलाव देखें। इसे पड़ताल करने का एक संकेत मानें, नियम नहीं।
सेटअप को उपयोगी बनाए रखने के लिए उसमें बदलाव करें
इस दिनचर्या को आज़माने के बाद देखें कि किस वजह से आप हिचकते हैं। अगर दो लेबलों का फ़र्क़ समझ न आए, तो उनके नाम बदलें या पैमाना आसान करें। अगर चेक-इन बार-बार भूल जाते हैं, तो उसे किसी स्वाभाविक विराम पर रखें या रिमाइंडर जोड़ें। अगर आप शायद ही कभी नोट लिखते हैं, तो हर रेटिंग में उसे शामिल करने की ज़रूरत नहीं।
Moodrate में एक से ज़्यादा ट्रैकर बनाए जा सकते हैं, लेकिन ज़्यादा ट्रैकर अपने-आप बेहतर नहीं होते। सवाल यह है कि क्या अलग रेटिंग से आपको ऐसी कोई बात दिखती है जो मूड के एक पैमाने और कभी-कभार लिखे नोट से न दिखे। वही सेटअप रखें जिससे आपका अपना पैटर्न साफ़ हो, बाकी छोड़ दें।
मुख्य बातें
- रोज़ की लय और एक से ज़्यादा बार रेट करें चुनें, ताकि अलग-अलग पलों की अपनी रेटिंग हो।
- संख्या वाला छोटा रेटिंग का पैमाना चुनें और तय करें कि ज़्यादा मानों का क्या मतलब है।
- काम का संदर्भ देने के लिए नोट जोड़ें, मजबूरी में नहीं।
- दिनों के पैटर्न देखने के लिए आँकड़े देखें, फिर ट्रैकर अटपटा लगे तो उसमें बदलाव करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुझे दिन में कितनी बार अपना मूड रेट करना चाहिए?
कोई तय संख्या नहीं है। दिन की शुरुआत और अंत जैसे कुछ स्वाभाविक विराम चुनें जिन्हें आप याद रख सकें, फिर देखें कि क्या ये रेटिंग दिन की एक ही समरी से ज़्यादा दिखाती हैं। एक और चेक-इन तभी जोड़ें जब उससे उपयोगी संदर्भ मिले।
क्या मुझे हर मूड रेटिंग के साथ नोट लिखना चाहिए?
नहीं। Moodrate में नोट वैकल्पिक है। बाद में रेटिंग समझने में संदर्भ मदद कर सकता हो, तो नोट जोड़ें; मान अपने-आप में साफ़ हो, तो उसे खाली छोड़ दें।
यह भी देखें: Moodrate से आप क्या-क्या ट्रैक कर सकते हैं?
अगर मैं मूड का चेक-इन करना भूल जाऊँ तो?
उस पल का अंदाज़ा लगाने के बजाय उसे बिना रेटिंग के छोड़ सकते हैं। Moodrate में किसी अवधि पर नहीं भरा का निशान भी लगाया जा सकता है, ताकि वह छूटी हुई दिखने के बजाय छोड़ी गई अवधि के रूप में दर्ज हो।
Moodrate के साथ अपने तरीके से ट्रैक करें
मुफ़्त, निजी और ऑफ़लाइन भी: अपने पैमाने और अवधि खुद तय करें, नोट जोड़ें और अपने रुझान देखें।
और पढ़ें
- मूड ट्रैकिंग6 मिनट में पढ़ें
अपनी मूड डायरी के लिए सही रेटिंग का पैमाना चुनें
मूड डायरी के रेटिंग का पैमाना चुनने के तरीके समझें: १ से ५, १ से १०, या हाँ / नहीं, और यह भी कि मानों के लेबल आपके मूड ट्रैकर को कैसे आसान बनाते हैं।
- ट्रैकर के आइडिया4 मिनट में पढ़ें
धीरे-धीरे बदलते पैटर्न के लिए मूड ट्रैकर
जीवन से संतुष्टि से लेकर मौसम के साथ बदलती ऊर्जा तक, हर महीने या हर साल होने वाले बदलावों के लिए मूड ट्रैकर बनाएँ। आसान पैमाने और ऐसी लय चुनें जिसे आप बनाए रख सकें।
- ख़ुशी और रेटिंग के पैमाने7 मिनट में पढ़ें
पाँच-बिंदु या दस-बिंदु खुशी का पैमाना?
पाँच-बिंदु और दस-बिंदु खुशी के पैमाने की तुलना करें, फिर अपने मूड ट्रैकर के लिए ऐसा रेटिंग सेटअप चुनें जो ईमानदार और इस्तेमाल में आसान लगे।